बेचैन कण्डियाल जी एक प्रसिद्ध हिंदी कवि और लेखक हैं। उनकी कविताएँ और साहित्यिक रचनाएँ समाज के विभिन्न पहलुओं पर गहराई से प्रकाश डालती हैं। वे अपनी भावनात्मक और सशक्त रचनाओं के लिए जाने जाते हैं, जो पाठकों के दिलों को छू लेती हैं। हिंदी साहित्य में उनका योगदान उल्लेखनीय है और उन्हें कई साहित्यिक मंचों पर सम्मानित किया गया है।


Dr. Bechain Kandiyal
साहित्य, संस्कृति, राजनीति, पत्रकारिता, कला एवं अभिनय जैसी तमाम विधाओं पर समान रूप से पकड़ रखने वाले डॉ. बेचैन कण्डियाल बहुमुखी प्रतिभा की धनी व्यक्ति हैं । इनका वास्तविक नाम रविंद्र कण्डियाल है, किंतु लोग इन्हें उनके चर्चित नाम बेचैन कण्डियाल से ही जानते हैं ।
डॉ. कण्डियाल अभिभाजित उत्तर प्रदेश में उत्तराखंड विकास मंत्री एवं संस्कृति मंत्री के मीडिया अधिकारी, उत्तराखंड में वित्त मंत्री के मीडिया सलाहकार, उत्तराखंड में मुख्यमंत्री के जनसंपर्क अधिकारी और फिर भारत के शिक्षा मंत्री के जनसंपर्क अधिकारी के रूप में कार्य कर चुके हैं। बेचैन कण्डियाल एक ओर जहां राजनीति के माध्यम से जहां समाज सेवा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पत्रकारिता जैसी मिशनरी विधा पर भी वे विभिन्न सामाजिक एवं समसामयिक विषयों पर प्रखरता के साथ अपना पक्ष रखते हैं।
कविता और कहानी लिखने का शौक उन्हें बचपन से ही था। इंटर कक्षा के पश्चात अखबारों और पत्र पत्रिकाओं में उनके लेख, कविता और कहानी छपने लगी थी। स्नातकोत्तर पढ़ाई के साथ ही उन्होंने पत्रकारिता भी शुरु कर दी थी। दैनिक दून दर्पण, गढ़ एना, समृद्ध भारत, पौड़ी टाइम्स, हिमालय दर्पण, दैनिक जागरण आदि दैनिक और साप्ताहिक अखबारों में उन्होंने पत्रकारिता की।
बेचैन कण्डियाल की कविताओं में एक विशेष बात यह है कि वे अपने शब्दों के माध्यम से पाठकों को एक नए दृष्टिकोण से देखने और सोचने के लिए प्रेरित करते हैं। उनकी कविताएँ अक्सर गहरे अर्थ और भावनाओं से भरी होती हैं, जो पाठकों को अपने जीवन के बारे में सोचने और अपने विचारों को व्यक्त करने के लिए प्रेरित करती हैं।
बेचैन कण्डियाल की कुछ प्रसिद्ध पुस्तकें इस प्रकार हैं:
1- टूटे हुए तार (क्षणिका संग्रह)
2- शब्दों के जंगल में (कविता संग्रह)
3- पतझड़ के साये (कविता संग्रह)
4- जिंदगी हूं मैं (मुक्तक संग्रह)
5- राग जिंदगी का (ग़ज़ल संग्रह)
6- रीति हथगुल्यू मा चुसण्यं (गढ़वाली क्षणिका संग्रह)


