बेचैन कण्डियाल जी एक प्रसिद्ध हिंदी कवि और लेखक हैं। उनकी कविताएँ और साहित्यिक रचनाएँ समाज के विभिन्न पहलुओं पर गहराई से प्रकाश डालती हैं। वे अपनी भावनात्मक और सशक्त रचनाओं के लिए जाने जाते हैं, जो पाठकों के दिलों को छू लेती हैं। हिंदी साहित्य में उनका योगदान उल्लेखनीय है और उन्हें कई साहित्यिक मंचों पर सम्मानित किया गया है।


शिक्षा- दीक्षा
डॉ. बेचैन कण्डियाल ने कक्षा तीन तक की पढ़ाई अपने गांव की निकट प्राथमिक पाठशाला पोखरी में की इसके पश्चात माँ ने उन्हें पढ़ने के लिए दीदी- जीजा के पास देहरादून भेज दिया। इसके पश्चात अलग-अलग रिश्तेदारों के यहां रहकर अलग-अलग स्कूल कॉलेज से उन्होंने बड़ी कठिनाई और अभावों में अपनी शिक्षा दीक्षा पूर्ण की।
उन्होंने प्राथमिक विद्यालय पोखरी, प्राथमिक पाठशाला खुडबुडा देहरादून, जूनियर हाई स्कूल नवाखाल, राजकीय इंटर कॉलेज खिरसू, मैसमोर इंटर कॉलेज पौड़ी, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रीठाकाल (एकेश्वर), राजकीय इंटर कॉलेज नौगांवखाल, राजकीय महाविद्यालय चौबटाखाल (पौड़ी), राजकीय महाविद्यालय पौड़ी, हेमवती नंदन गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर, राजकीय पॉलिटेक्निक उत्तरकाशी, लखनऊ पॉलिटेक्निक लखनऊ आदि स्कूल- कॉलेज मे पढ़ाई करते हुए हिंदी,समाजशास्त्र और पत्रकारिता एवं जनसंचार (तीन विषयों) में एम. ए. किया। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग मे डिप्लोमा करने के बाद ए. एम. आई. ई. के माध्यम से सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की। तत्पश्चात उन्होंने हिंदी विषय में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।
