बेचैन कण्डियाल जी एक प्रसिद्ध हिंदी कवि और लेखक हैं। उनकी कविताएँ और साहित्यिक रचनाएँ समाज के विभिन्न पहलुओं पर गहराई से प्रकाश डालती हैं। वे अपनी भावनात्मक और सशक्त रचनाओं के लिए जाने जाते हैं, जो पाठकों के दिलों को छू लेती हैं। हिंदी साहित्य में उनका योगदान उल्लेखनीय है और उन्हें कई साहित्यिक मंचों पर सम्मानित किया गया है।


जीवन परिचय
साहित्य, संस्कृति, राजनीति, पत्रकारिता, कला एवं अभिनय जैसी तमाम विधाओं पर समान रूप से पकड़ रखने वाले डॉ। बेचैन कण्डियाल बहुमुखी प्रतिभा की धनी व्यक्ति हैं। इनका वास्तविक नाम रविन्द्र कण्डियाल है, किंतु लोग इन्हें उनके चर्चित नाम बेचैन कण्डियाल से ही जानते हैं ।
डॉ. कण्डियाल अभिभाजित उत्तर प्रदेश में उत्तराखंड विकास मंत्री एवं संस्कृति मंत्री के मीडिया अधिकारी, उत्तराखंड में वित्त मंत्री के मीडिया सलाहकार, उत्तराखंड में मुख्यमंत्री के जनसंपर्क अधिकारी और फिर भारत के शिक्षा मंत्री के जनसंपर्क अधिकारी के रूप में कार्य कर चुके हैं । बेचैन कण्डियाल एक ओर जहां राजनीति के माध्यम से जहां समाज सेवा कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पत्रकारिता जैसी मिशनरी विधा पर भी वे विभिन्न सामाजिक एवं समसामयिक विषयों पर प्रखरता के साथ अपना पक्ष रखते हैं ।
जन्म एवं पारिवारिक पृष्ठभूमि
डॉ. बेचैन कण्डियाल का जन्म जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकासखंड खिरसू के अंतर्गत पट्टी चलनस्यू के ग्राम मंगलाकोटी में 28 जून सन 1964 में हुआ। उस समय उनका परिवार इलाके के संपन्न एवं सम्मानित परिवारों में गिना जाता था। उनके पिता भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर सन 1961 में सेवानिवृत हुए.जब वह मात्र एक वर्ष के थे तो उनके पिता का देहांत हो गया। तब पूर्व सैनिकों के परिवार के लिए कोई पेंशन नहीं होती थी। उसके पश्चात परिवार ने बहुत बुरे दिन देखे और जीवन यापन के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा। अत्यंत अभाव में रहकर उन्होंने अपनी शिक्षा दीक्षा पूरी की। वर्ष 1988 में उनकी शादी पाबो पौड़ी गढ़वाल से कुसुम भंडारी जी से हुयी। उनके दो बेटे और एक बेटी है।
